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फ्लेगशिप योजनाएं राज्य सरकार द्वारा समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण तथा उन्हें विकास की मुख्य धारा में लाने के उद्देश्य से अंतर्निहित 33 योजनाओं / कार्यक्रमों को स्टेट फ्लेगशिप कार्यक्रम में घोषित करने का निर्णय लिया गया है। 

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राज्य सरकार द्वारा समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण तथा उन्हें विकास की मुख्य धारा में लाने के उद्देश्य से अंतर्निहित 33 योजनाओं / कार्यक्रमों को स्टेट फ्लेगशिप कार्यक्रम में घोषित करने का निर्णय लिया गया है ।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति

₹1 प्रति किलोग्राम गेहूं: 1 मार्च, 2019 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत ए.ए.वाई. परिवारों को प्रति राशन कार्ड 35 किग्रा. गेहूं और बी.पी.एल. और स्टेट बी.पी.एल. को प्रति इकाई प्रतिमाह 5 किग्रा. गेहूं ₹2 प्रति किलोग्राम के स्थान पर ₹1 प्रति किलोग्राम में उपलब्ध करवाया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2022-23 के दौरान नवम्बर, 2022 तक औसतन 1.38 करोड़ व्यक्तियों को प्रतिमाह कुल 6.11 लाख मैट्रिक टन गेहूँ उपलब्ध कराया गया।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

शुद्ध के लिए युद्ध अभियान : राज्य के सभी उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा 26 अक्टूबर, 2020 से "शुद्ध के लिए युद्ध" अभियान चलाया जा रहा है। एक टीम का गठन किया गया है जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, प्रर्वतन अधिकारी, कानूनी मेट्रोलॉजी अधिकारी तथा डेयरी प्रतिनिधि शामिल हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण समिति का गठन किया गया है। इस अभियान के तहत नवम्बर, 2022 तक 13,166 निरीक्षण कर 13,066 नमूने लिए गए।

निरोगी राजस्थान अभियान : यह अभियान राजस्थान के सभी नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं और उनके निवारण के लिए 18 दिसंबर, 2019 को शुरू किया गया। इस योजना के तहत मौसमी संचारी रोग, असंक्रामक रोग, प्रदुषण आदि पर नियंत्रण के प्रयास किये जा रहे है।

मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना : "मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना" और "मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना” की सीमाओं का विस्तार करने के लिए 1 मई, 2022 से "मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना" की शुरूआत की गयी।

मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना : इस योजना के तहत राजकीय चिकित्सा देखभाल संस्थानों में आने वाले सभी इनडोर और आउटडोर रोगियों को आवश्यक दवा निःशुल्क प्रदान की जा रही है। वर्तमान में, आवश्यक दवा सूची के अनुसार, 1,594 दवाईयां, 928 सर्जिकल आइटम और 185 सूचर्स सूचीबद्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान ₹854.40 करोड़ का व्यय कर 7.48 करोड़ रोगीयों को निःशुल्क दवा दी गई ।

मुख्यमंत्री निःशुल्क जाँच योजना: इस योजना के तहत राजकीय चिकित्सा देखभाल संस्थानों में आने वाले सभी इनडोर और आउटडोर रोगियों को आवश्यक जाँच की सुविधाए निःशुल्क प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 8.10 करोड़ से अधिक निःशुल्क जांच कर 2.55 करोड़ लोगों को लाभान्वित किया गया हैं।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (एम.एम.सी.एस.बी.वाई.) : 1 मई, 2021 से मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (एम.एम.सी.एस.बी.वाई.) शुरू कर राजस्थान राज्य द्वारा स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में एक और पहल की गयी, जो राज्य की पूरी आबादी को स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करती है। 899 निजी और 834 राजकीय अस्पतालों को इस योजना के तहत सेवाएं प्रदान करने हेतु पैनलबद्ध किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में नवम्बर, 2022 तक 18.25 लाख रोगियों के लिए ₹1,998.77 करोड़ के 35.96 लाख दावे प्रस्तुत किए गए हैं।

स्वायत्त शासन

इंदिरा रसोई योजना : राजस्थान सरकार ने 20 अगस्त, 2020 को राज्य के सभी 213 नगरीय स्थानीय निकायों में 358 स्थायी रसोई के माध्यम से "इंदिरा रसोई योजना का शुभारम्भ किया, जिसमें आम जनता को ₹8 प्रति थाली में शुद्ध व पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अन्तर्गत नवंबर, 2022 तक 8.36 करोड़ भोजन थाली परोसकर जरूरतमन्दों को लाभान्वित किया जा चुका है।

इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना : इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र के 5 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को ₹50,000 का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। 30 नवम्बर, 2022 तक 1,76,849 लाभार्थियों के आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं और 43,220 लाभार्थियों को ₹160 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

स्कूल शिक्षा

महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा सत्र 2019 - 20 से कक्षा 1 से 12वीं तक के राजकीय विद्यालयों को महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) में परिवर्तित कर राजकीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम में अध्ययन का प्रावधान शुरू किया गया है। वर्तमान में राज्य में कुल 1,639 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) संचालित हैं। इन विद्यालयों में 3,03,146 विद्यार्थियों का नामांकन है।

मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना : मिड-डे-मील योजना के तहत राजकीय विद्यालयों, मदरसों और विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन (मंगलवार और शुक्रवार) मिल्क पाउडर से तैयार दूध उपलब्ध करवाया जाएगा। राजस्थान सहकारी दुग्ध संघ द्वारा 1 किग्रा पैकिंग का दूध पाउडर ₹400 प्रति किग्रा. की दर से विद्यालयों में उपलब्ध करवाया जाएगा। इस योजना में ₹47,644 लाख का बजट प्रावधान किया गया है तथा प्रथम तिमाही में जिलों को ₹24,582.58 लाख जारी किए गए।

मुख्यमंत्री निःशुल्क यूनिफॉर्म वितरण योजना : यह योजना 1 से 8वीं कक्षा तक के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत समस्त विद्यार्थियो को यूनिफॉर्म फैब्रिक के दो सेट निःशुल्क प्रदान करती है। सभी विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म सिलाई हेतु राज्य सरकार ₹94.61 करोड़ उपलब्ध करवा रही है। इस प्रकार राज्य सरकार द्वारा कक्षा 1 से 8वीं तक राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत समस्त विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म के 2 सैट वितरण हेतु कुल राशि ₹500.10 करोड़ में से राशि ₹325.87 करोड़ राज्य मद से वहन किया गया है।

कृषि

राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति, 2019 : यह नीति किसान की आय बढ़ाकर किसानों और उनके संगठनों की भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है। इस नीति में किसानों और उनके संगठन को अधिकतम ₹100 लाख के अधीन परियोजना लागत के 50 प्रतिशत तक कृषि-प्रसंस्करण अवसंरचना स्थापित करने के लिए पूंजीगत अनुदान का प्रावधान है। कृषि प्रसंस्करण नीति, 2019 के अन्तर्गत कृषि प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु ₹1,670.36 करोड़ का निवेश किया गया है तथा नवम्बर, 2022 तक 880 उद्यमियों एवं कृषकों को ₹282.09 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया जा चुका है।

उद्योग

राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2022 : राज्य में तीव्र, स्थायी एवं संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने हेतु राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना- 2019 को और अधिक व्यापक बनाते हुए राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2022 को 07 अक्टूबर, 2022 से लागू किया गया है। योजना के मुख्य उद्देश्य 15 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर से विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों का विकास, संतुलित और समावेशी क्षेत्रीय विकास, वर्ष 2027 तक 10 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन, हरित हाइड्रोजन, वैकल्पिक ऊर्जा, चिकित्सा उपकरणों आदि जैसे नवीन क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन और पर्यावरण सरंक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देना है।

इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में दिसम्बर, 2022 तक ₹7,762.15 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के साथ कुल 605 पात्रता प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं।


सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम ( एम. एस. एम. ई.)

मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना (एम.एल.यू.पी.वाई.) : इस योजनान्तर्गत छोटे पैमाने के उद्यमियों को विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए ₹25 लाख तक के ऋण पर 8 प्रतिशत, ₹5 करोड़ तक के ऋण पर 6 प्रतिशत तथा ₹10 करोड़ तक के ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज पर अनुदान प्रदान किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 (दिसम्बर, 2022 तक) के दौरान 6,566 उद्यमियों को ₹1,200.47 करोड़ की राशि का ऋण वितरित किया गया ।

राजस्थान सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (फैसिलिटेशन ऑफ एस्टेबलिशमेंट एण्ड ऑपरेशन) अधिनियम-2019 : राजस्थान सरकार ने इस अधिनियम के कार्यान्वयन हेतु 12 जून, 2019 को एक वेब पोर्टल लॉन्च किया, जिस पर आवेदन दर्ज किए जाते हैं। एमएसएमई इकाई को, इलेक्ट्रॉनिक या भौतिक रूप से 'डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट' नोडल एजेंसी को प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है, जो एक 'पावती प्रमाण-पत्र' जारी करती है। पावती प्रमाण-पत्र जारी होने से लेकर 3 साल तक एक एमएसएमई को राज्य के सभी कानूनों के तहत अनुमोदन और निरीक्षण से छूट दी जाएगी। वित्तीय वर्ष 2022-23 (दिसम्बर, 2022 तक) में 2,694 डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट प्राप्त हुए एवं उनको तुरंत प्रभाव से पावती प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 1,511 सूक्ष्म (माइक्रो) श्रेणी, 762 लघु श्रेणी और 421 मध्यम श्रेणी के प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं।

कौशल, रोजगार व उद्यमिता

मुख्यमंत्री युवा संबल योजना इस योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता पुरुष के लिए ₹4,000 तथा महिला, ट्रांसजेंडर और विशेष रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए ₹4,500 प्रति माह पात्र बेरोजगार युवाओं को अधिकतम दो साल या जब तक वे नियोजित / स्व-नियोजित नहीं हो जाते, जो भी पहले हो, दिया जा रहा था। इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से विभिन्न सरकारी विभागों में कम से कम तीन महीने के लिए कौशल प्रशिक्षण के बाद प्रतिदिन चार घंटे के लिए इंटर्नशिप करनी होगी। कैलेंडर वर्ष 2022 के दौरान, (दिसम्बर, 2022 तक) 1,66,565 उम्मीदवारों को इंटर्नशिप प्रदान की गई हैं तथा 25,368 उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।

आयोजना

राजस्थान जन-आधार योजना : जन आधार कार्ड को परिवार एवं उसके सदस्यों की "एक कार्ड, एक नम्बर और एक पहचान" की विचारधारा के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बनाया गया है। इस योजना के तहत 31 दिसम्बर, 2022 तक नामांकित परिवारों की संख्या 1.94 करोड़, नामांकित व्यक्तियों की संख्या 7.57 करोड़, कुल ट्रांजेक्शन (नकद व गैर-नकद) ₹127.62 करोड़ और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण द्वारा कुल नकद लाभ हस्तांतरण ₹52,445 करोड़ है।

सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार

जन सूचना पोर्टल : सरकार द्वारा क्रियान्वित सभी योजनाओं की जानकारी एक ही जगह पर सुलभ, पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जन सूचना पोर्टल विकसित किया गया है। पोर्टल पर 331 राजकीय योजनाओं से संबंधित 115 विभागों की 690 बिन्दुओं की जानकारी दर्शाते हुए रीयल टाइम डाटा प्रदर्शित किया जा रहा है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना : सहयोग एवं उपहार योजना को परिवर्तित कर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना कर दिया गया हैं। इस योजना के अन्तर्गत लड़कियों को विभिन्न चरणों में लाभान्वित किया जा रहा हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग के बी.पी.एल. परिवारों की 18 वर्ष या इससे अधिक आयु की लड़कियों के विवाह पर ₹31,000 उपहार स्वरूप दिए जा रहे हैं। इस योजना के तहत वर्ष 2022-23 में (माह दिसम्बर, 2022 तक) 19,629 लड़कियों को ₹7,109.03 लाख की राशि से पुरस्कृत किया गया है।

सिलिकॉसिस पॉलिसी : खदानों, कारखानों, पत्थर तोड़ने, पत्थर की घिसाई इत्यादि कार्यों से धूल के सम्पर्क में आने से सिलिकॉसिस एक लाइलाज बीमारी बन गयी है। इस नीति में सिलिकॉसिस पीड़ित व्यक्ति को आर्थिक मदद के साथ-साथ ऐसे कार्य स्थल एवं श्रमिकों की पहचान, पुनर्वास, बीमारी की रोकथाम व नियन्त्रण के उपाय भी अपनाए जाते हैं। इसमें अंतिम संस्कार के लिए ₹10,000 की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। दिसम्बर, 2022 तक ₹33,407.40 लाख व्यय कर 11,050 सिलिकॉसिस पीड़ितों / परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवायी गयी है।

मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना : इस योजना के अन्तर्गत विधवाओं, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को पेंशन प्रदान की जा रही है। वर्ष 2022-23 के दौरान दिसम्बर, 2022 तक इस पेंशन योजना के तहत 18,20,248 लाथार्थियों को कुल ₹1,72,262.24 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री वृद्धावस्था सम्मान पेंशन योजना : वृद्धावस्था सम्मान पेंशन योजना के तहत 55 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाएं और 58 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुष ₹750 प्रति माह पाने के पात्र हैं। 75 वर्ष और उससे अधिक आयु के बाद, वृद्धावस्था पेंशनभोगी ₹1,000 प्रति माह पाने के पात्र हैं। वर्ष 2022-23 के दौरान दिसम्बर, 2022 तक ₹4,24,611.58 लाख की राशि व्यय की जा चुकी है, जिससे 53,96,466 वृद्धजन लाभान्वित हुए हैं।

मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना : इस योजना में राज्य सरकार विभिन्न विशेष योग्यजनों को ₹750 से ₹1500 प्रतिमाह की पेंशन प्रदान कर रही है। वर्ष 2022-23 में (दिसम्बर, 2022 तक) कुल ₹47,260.18 लाख की राशि उपलब्ध करवाकर 6,19,320 विशेष योग्यजनों को वितरित करवाई जा चुकी है।

पालनहार योजना : इस योजना का उद्देश्य उन बच्चों की देखभाल करना है जिनके माता-पिता दोनों की या तो मृत्यु हो गई है, या वे आजीवन कारावास या मौत की सजा काट रहे हैं या माता की मृत्यु हो गई है और पिता आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं या इसके विपरीत। वर्ष 2022-23 के दौरान (माह दिसम्बर, 2022 तक) ₹57,931.19 लाख व्यय कर 6, 75,292 बच्चों को लाभान्वित किया गया है।

मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना: यह योजना, योग्य आबादी को नौकरियों के लिए विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु मुफ्त कोचिंग प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। वर्ष 2022-23 में मेरिट के आधार पर चयन कर 12,952 अभ्यर्थियों की मेरिट सूची जारी की जा चुकी है तथा योजनान्तर्गत सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में दिसम्बर, 2022 तक 8,450 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दी है।

महिला एवं बाल विकास

इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना (आई.जी.एम.पी.वाई.) : गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं और 3 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुधार लाकर जन्म के समय कम वज़न और दुर्बलता की घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से वर्ष 2020 में यह योजना कुछ ही जिलों में लागू की गई थी लेकिन वर्ष 2022-23 में इसे राज्य के सभी 33 जिलों में लागू किया गया है। इस योजना के तहत नवम्बर, 2022 तक कुल 71,735 लाभार्थियों को पांच किश्तों के माध्यम से भुगतान किया जा चुका है।

उच्च शिक्षा

काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना : इस योजना के अंतर्गत राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आर.बी.एस.ई.) द्वारा आयोजित उच्च माध्यमिक परीक्षा में न्यूनतम 65 प्रतिशत या केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी. एस.ई.) में न्यूनतम 75 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण वे छात्राऐं पात्र हैं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹2.5 लाख तक है। इसके साथ ही इस योजना हेतु आवेदन करने के लिए छात्राओं को राजस्थान के किसी भी महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री (तकनीकी/गैर–तकनीकी) में नियमित छात्रा होना चाहिए। बजट घोषणा के अनुसार वर्ष 2022-23 से 17,537 पात्र आवेदकों को नियमानुसार स्कूटी निःशुल्क वितरित की जायेगी जिसके लिये आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। वर्ष 2022-23 (दिसम्बर, 2022 तक) के दौरान ₹4,464.89 लाख व्यय किए जा चुके हैं।

देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना : राजस्थान के अति पिछड़े वर्ग की वे छात्राऐं योग्य है, जिन्होंने आरबीएसई / सीबीएसई द्वारा आयोजित उच्च माध्यमिक परीक्षा 50 प्रतिशत या अधिक अंकों के साथ उत्तीर्ण की है तथा जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ₹2.5 लाख तक है, इसके साथ ही इस योजना में आवेदन करने के लिए, छात्राओं को राजस्थान के किसी भी राजकीय महाविद्यालय, राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में स्नातक की डिग्री के प्रथम वर्ष में एक नियमित छात्रा होना आवश्यक है। उच्च माध्यमिक परीक्षा की वरीयता के आधार पर आवेदकों को प्रति वर्ष 1,500 स्कूटी निःशुल्क वितरित की जा रही है। शेष आवेदक जो स्कूटी प्राप्त नहीं कर सके उन्हें निर्धारित पात्रता मानदंड के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाती है। बजट घोषणा वर्ष 2022-23 की अनुपालना में इस वर्ष 2,463 स्कूटी का वितरण किया जायेगा। इस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 (दिसम्बर, 2022 तक) में ₹1,102.47 लाख का व्यय किया जा चुका है।

राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना : इस योजना के तहत हर साल 200 मेधावी विद्यार्थियों को विश्व के शीर्ष 150 विश्वविद्यालयों / संस्थानों में पढ़ने के लिए स्पॉन्सर किया जाता है। सम्पूर्ण ट्यूशन फीस व अन्य खर्चे राजस्थान सरकार द्वारा वहन किये जाते है। नवम्बर, 2022 तक कुल 244 विद्यार्थियों का चयन किया गया है एवं 154 है विद्यार्थियों के लिए ₹30 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है।

वन

घर-घर औषधि योजना : तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा एवं कालमेघ के औषधीय पौधों के संरक्षण और प्रसार को बढ़ावा देने के लिए व राज्य के प्रत्येक परिवार को घर-घर जाकर इन औषधीय पौधों के वितरण हेतु राजस्थान में 1 अगस्त, 2021 को “घर-घर औषधि योजना शुरू की गई । इस योजनान्तर्गत दिसम्बर, 2022 तक 126.51 लाख के लक्ष्य के विरूद्ध 127.00 लाख पौधे वितरित किये जा चुके हैं।

ऊर्जा

मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना : यह योजना मीटर्ड कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिलों पर ₹1,000 प्रति माह और अधिकतम ₹12,000 प्रति वर्ष का अनुदान प्रदान करती है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 (नवंबर, 2022 तक) में अब तक लगभग 12.82 लाख किसानों को ₹867.57 करोड़ (प्रावधानिक) का अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जा गया है, तथा 8.87 लाख किसानों को शून्य राशि बिल जारी किया गया है।

पर्यटन

पर्यटन को पूर्ण उद्योग का दर्जा : राज्य बजट 2022-23 में पर्यटन व हॉस्पिटेलिटी सेक्टर को उद्योग के दर्जे का पूर्ण लाभ प्रदान किया गया है। औद्योगिक मापदण्डों के अनुसार ही अब इस सेक्टर पर भी गवर्नमेंट टैरिफ व लेवी देय हैं। इस संबंध में पर्यटन व हॉस्पिटेलिटी को पात्रता प्रमाण पत्र 18 मई, 2022 को जारी कर दिया गया है। दिसम्बर, 2022 तक 679 पर्यटन इकाइयों को पात्रता प्रमाण-पत्र जारी किये गये हैं। विद्युत शुल्क एवं यू. डी. टैक्स समान औद्योगिक दरों पर ही उपलब्ध हैं।

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