
वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में भारत 125वें पायदान पर: पाकिस्तान-बांग्लादेश हमसे बेहतर; फिनलैंड सबसे खुश, अफगानिस्तान सबसे नाखुश देश2013 से हर साल 20 मार्च को इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस के रूप में मनाया जाता है।,UN सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्युशंस नेटवर्क ने जारी की रिपोर्ट
ये रिपोर्ट UN सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्युशंस नेटवर्क ने जारी की है। ये 150 से ज्यादा देशों के लोगों पर किए गए ग्लोबल सर्वे डाटा के आधार पर बनाई जाती है।इसमें GDP पर कैपिटा, सोशल सपोर्ट, जीवन प्रत्याशा, आजादी, भ्रष्टाचार और उदारता जैसे फैक्टर्स का विशेष ध्यान रखा जाता है।
रूस-यूक्रेन की स्थिति भारत से बेहतर
रूस-यूक्रेन में पिछले एक साल से जंग चल रही है। फिर भी हैप्पीनेस इंडेक्स में उनकी पोजिशन भारत से बेहतर है। रूस को 70वें और यूक्रेन को 92वें नंबर पर रखा गया है।
दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था होने के बाद भी भारत लिस्ट में काफी निचले पायदान पर रहता है। आइए इनके कारणों को जानने का प्रयास करते हैं
1.जनसंख्या का एक विशाल रूप होना2. भ्रष्टाचार का हावी होना
ये रिपोर्ट UN सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्युशंस नेटवर्क ने जारी की है। ये 150 से ज्यादा देशों के लोगों पर किए गए ग्लोबल सर्वे डाटा के आधार पर बनाई जाती है।इसमें GDP पर कैपिटा, सोशल सपोर्ट, जीवन प्रत्याशा, आजादी, भ्रष्टाचार और उदारता जैसे फैक्टर्स का विशेष ध्यान रखा जाता है।
रूस-यूक्रेन की स्थिति भारत से बेहतर
रूस-यूक्रेन में पिछले एक साल से जंग चल रही है। फिर भी हैप्पीनेस इंडेक्स में उनकी पोजिशन भारत से बेहतर है। रूस को 70वें और यूक्रेन को 92वें नंबर पर रखा गया है।
दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था होने के बाद भी भारत लिस्ट में काफी निचले पायदान पर रहता है। आइए इनके कारणों को जानने का प्रयास करते हैं
1.जनसंख्या का एक विशाल रूप होना2. भ्रष्टाचार का हावी होना
3.अमीर देश किंतु गरीब जनता
4 औपचारिक शिक्षा पद्धति
5. भुखमरी का होना
आइए जानते हैं विश्व के अन्य देशों की स्थिति क्या है

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