Swachh Bharat mission shahri, स्वच्छ भारत मिशन शहरी कब लांच हुआ था, स्वच्छ भारत मिशन शहरी उद्देश्य क्या है, स्वच्छ भारत मिशन किसने प्रारंभ किया,एसडीएम

 


दोस्तों इस पोस्ट में मैं आपके लिए लेकर आया हूं स्वच्छ भारत मिशन शहरी टॉपिक के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी यह आपके  EO के एग्जाम एग्जाम में महत्वपूर्ण साबित होंगे

स्‍वच्‍छ भारत मिशन –शहरी-1  (एसबीएम-यू) दिनांक 2 अक्‍टूबर, 2014 को शुरू किया गया जिसका उद्देश्‍य शहरी भारत को खुले में शौच से मुक्‍त करना तथा देश में 4041 सांवधिक कस्‍बे में नगरीय ठोस अपशिष्‍ट का शत-प्रतिशत वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करना है ।  

मिशन के उद्देश्‍य निम्‍नवत है :

  • खुले में मल त्‍याग की प्रथा को समाप्‍त करना।
  • हाथ से सफाई करने की प्रथा समाप्‍त करना।
  • नगरीय ठोस अपशिष्‍ट का आधुनिक और वैज्ञानिक प्रबंधन ।
  • स्‍वस्‍थ स्‍वच्‍छता संबंधी आदतों के संबंध में लोगों के व्‍यवहार में बदलाव लाना।
  • स्‍वच्‍छता और जन स्‍वास्‍थ्‍य से इसके सम्‍बद्ध होने के बारे में जागरूकता लाना।
  • शहरी स्‍थानीय निकायों हेतु क्षमता संवर्द्धन ।
  • केपेक्‍स (पूंजीगत व्‍यय) और ओपेक्‍स (प्रचालन एवं अनुरक्षण) व्‍यय में निजी क्षेत्र की सहभागिता के लिए उपयुक्‍त वातावरण बनाना।

मिशन के निम्‍नलिखित घटक है : 

  • अस्‍वच्‍छ शौचालयों को जलवाही शौचालयों में बदलने सहित पारिवारिक शौचालय।
  • सामुदायिक शौचालय।
  • सार्वजनिक शौचालय।
  • ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन।
  • आईईसी एवं जन जागरूकता।
  • क्षमता निर्माण और प्रशासनिक एवं कार्यालय व्‍यय (ए एण्‍ड ओई) ।

मिशन के लिए निर्धारित लक्ष्‍य, जिन्‍हें 2 अक्‍टूबर, 2019 तक प्राप्‍त किया जाना हैमें निम्‍न शामिल हैं : 

  • 66.42 लाख व्‍यक्तिगत घरेलू शौचालयों (आईएचएचएल);
  • 2.52 लाख सामुदायिक शौचालय (सीटी) सीटों का निर्माण;
  • 2.56 लाख सार्वजनिक शौचालय (पीटी) सीटों का निर्माण;
  • घर-घर जाकर शत प्रतिशत कचरा संग्रहण और नगरीय ठोस अपशिष्‍ट (एमएसडब्‍ल्‍यू) का वैज्ञानिक प्रबंधन करना ।

नागरिकों को सतत रूप से शामिल करना तथा जागरूक करना सुनिश्चित करने के लिए, नियमित अंतराल पर विषयक आधारित स्‍वच्‍छता अभियानों के रूप में स्‍वच्‍छ भारत मिशन के कार्यान्‍वयन हेतु सहभागिता दृष्टिकोण की आयोजना की जा रही है जो क्षेत्र विशिष्‍ट है विषयक आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनका लक्ष्‍य शहर के मुख्‍य स्‍थान और लक्ष्‍य हैं । विशिष्‍ट विषय के आधार पर संगत सरकारी विभागों और संस्‍थाओं को अभियानों के कार्यान्‍वयन तथा  संगत हितधारकों द्वारा सहभागिता हेतु नियुक्‍त किया गया है ।

 

स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U 2.0)


स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) ने 'कचरा मुक्त शहरों' के लिये चल रहे जन आंदोलन को मज़बूत करने हेतु (BCC) कचरा मुक्त शहरों के लिये ‘राष्ट्रीय व्यवहार परिवर्तन संचार फ्रेमवर्क’ लॉन्च किया है।


राष्ट्रीय व्यवहार परिवर्तन संचार फ्रेमवर्क :

कचरा मुक्त शहरों के लिये BCC फ्रेमवर्क राज्यों और शहरों हेतु गहन और केंद्रित अंतर-व्यक्तिगत संचार अभियानों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर मल्टीमीडिया अभियान चलाने के लिये एक मार्गदर्शक दस्तावेज़ व ब्लूप्रिंट के रूप में काम करेगा।

यह फ्रेमवर्क भारत के शहरी परिदृश्य को बदलने के लिये स्रोत पर पृथक्करण, संग्रह, परिवहन और कचरे के प्रसंस्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा डंप साइट पर उपचार जैसे विषयों पर अभियान को तेज़ करने पर केंद्रित है। 

SBM-U 2.0 के बारे में: 

परिचय: 

बजट 2021-22 में घोषित SBM-U 2.0, SBM-U के पहले चरण की निरंतरता है।  

इसे अगले पांँच वर्षों में 'कचरा मुक्त शहरों' के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिये 1 अक्तूबर 2021 को लॉन्च किया गया था।

सरकार शौचालयों से सुरक्षित प्रवाह, मल कीचड़ के निपटान और सेप्टेज का उपयोग करने का भी प्रयास कर रही है।

इसे 1.41 लाख करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ वर्ष 2021 से वर्ष 2026 तक पांँच वर्षों में लागू किया जाएगा।

शहरी भारत को खुले में शौच मुक्त (Open Defecation Free- ODF) बनाने और नगरपालिका के ठोस कचरे के 100% वैज्ञानिक प्रबंधन के उद्देश्य से 2 अक्तूबर, 2014 को SBM-U का पहला चरण शुरू किया गया था जो अक्तूबर 2019 तक चला।

लक्ष्य:

यह कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक और वायु प्रदूषण में कमी, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों से कचरे का प्रभावी ढंग से प्रबंधन तथा सभी पुराने डंप साइट के बायोरेमेडिएशन पर केंद्रित है। 

इस मिशन के तहत सभी अपशिष्ट जल को जल निकायों में छोड़ने से पहले ठीक से उपचारित किया जाएगा और सरकार अधिकतम पुन: उपयोग (Reuse) को प्राथमिकता देने का प्रयास कर रही है। 

मिशन का परिणाम: 

  • सभी वैधानिक शहर ODF+ प्रमाणित हो जाएंगे (पानी, रखरखाव और स्वच्छता के साथ शौचालयों पर केंद्रित)। 
  • 1 लाख से कम आबादी वाले सभी वैधानिक शहर (कीचड़ और सेप्टेज प्रबंधन के साथ शौचालयों पर केंद्रित) ओडीएफ ++ प्रमाणित हो जाएंगे।
  • 1 लाख से कम आबादी वाले सभी वैधानिक कस्बों का 50% जल + प्रमाणित हो जाएगा (जिसका उद्देश्य पानी के उपचार और पुन: उपयोग करके शौचालयों को बनाए रखना है)।
  • कचरा मुक्त शहरों के लिये आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के स्टार रेटिंग प्रोटोकॉल के अनुसार, सभी वैधानिक कस्बों को कम-से-कम कचरा मुक्त 3-स्टार दर्जा दिया जाएगा।
  • सभी पुराने डंपसाइट्स का जैव उपचार।

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