land forms ,prirhavi ke Sthal roop, स्थल रूप थर्ड ग्रेड मेन राजस्थान रीट एग्जाम

 









वलित पर्वत – पृथ्वी के भीतर उत्पन्न सम्पीडनात्मक बल से धरातलीय चट्टानों में वलन या मोड़ पड़ने से इस प्रकार पर्वतों का निर्माण होता है। सम्पीडन शक्ति से मुड़कर उठे भाग को अपनति तथा नीचे धंसे भाग को अभिनति कहा जाता है। तीव्रगामी भूगर्भिक हलचलें इन अभिनतियों और अपनतियों के मोड़ों को ऊँचा उठा देती हैं एवं कालान्तर में वलित पर्वतों का उत्थान हो जाता है। हिमालय, यूराल एवं एण्डीज पर्वत वलित पर्वतों के उदाहरण हैं।

गुम्बदाकार पर्वत (Dome Shaped Mountain) – पृथ्वी के भीतर उबला तप्त मैग्मा धरातल पर आने की भरसक चेष्टा करता है। जब यह मैग्मा बाहर नहीं आ पाता तो धरातलीय चट्टानें गुम्बदाकार रूप में ऊपर उठ जाती हैं। उत्तरी अमेरिका के उटाह राज्य में हेनरी और यून्टा पर्वत इसी प्रकार के पर्वत हैं।

iii) संग्रहित पर्वत (Accumulated Mountain) – हवा, नदी, हिमनद, लहरों एवं ज्वालामुखी के द्वारा बड़े ढेर के रूप में संग्रहित निक्षेपित पदार्थ एवं एकत्रित मलबे से इन पर्वतों का निर्माण होता है। जापान का फ्यूजीयामा, इटली का विसूवियस एवं अफ्रीका का किलीमंजारो ज्वालामुखी संग्रहित पर्वत हैं।


4.भ्रंशोत्थ अथवा ब्लॉक पर्वत (Foulted Or Block Mountain) – जब दो समान्तर दरारों का मध्यवर्ती भाग ऊपर की ओर उठ जाये या मध्य भाग के दोनों ओर के भाग नीचे धंस जाये तो ब्लॉक पर्वत की उत्पत्ति होती है। भ्रंश के द्वारा इनका निर्माण होने के फलस्वरूप इन्हें भ्रंशोत्थित पर्वत भी कहते हैं।

(v) अवशिष्ट पर्वत (Residual Mountation) – अनाच्छादनकारी कारकों; यथा-नदी, पवन, लहर, हिमनद आदि के अपरदनात्मक प्रभाव से अछूता कठोर चट्टानी भू-भाग आस-पास के क्षेत्र से ऊँचा उठा रह जाता है तो उसे अवशिष्ट पर्वत कहा जाता है। जब नदी पठारी भू-भाग को काटकर समतल मैदान में बदल देती है किन्तु मध्यवर्ती चट्टानों वाले भाग का, कटाव नहीं हो पाता तो वह अवशिष्ट पर्वत का रूप ले लेता है।

पठार पठार पृथ्वीतल पर द्वितीय श्रेणी के उच्चावच हैं। ये पर्वतों के बाद दूसरे स्थान पर आते हैं। सम्पूर्ण विश्व में मिलने वाली – पठारों की स्थिति उनकी उत्पत्ति, जलवायु देशाओं व विकास की अवस्थाएँ भिन्न-भिन्न मिलती हैं। इन सभी आधारों पर पठारों का विभाजन किया गया है। इनमें से उत्पत्ति के आधार पर पठारों के वर्गीकरण को निम्नानुसार वर्णित किया गया है

(i) लावा निर्मित पठार-भूगर्भ से लावा उद्गार व्यापक पर फैलकर ऐसे पठार का निर्माण करता है। इस प्रकर के पठारों में अन्तर्जात बलों की आकस्मिक प्रक्रिया से उत्पन्न ज्वालामुखी का विशेष योगदान होता है। लावा के तरल या गाढ़ा होने के स्वरूप के आधार पर पठार अधिक या कम विस्तृत होने के साथ-साथ कम या अधिक ऊँचा हो सकता है। इस प्रकार के पठारों में कोलम्बिया का पठार एवं दक्षिण भारत का पठार मुख्य है।

(ii) हिमानीकृत पठार-जिन पठारों का निर्माण उच्च अक्षांशीय क्षेत्रों या उच्च उच्चावचीय क्षेत्रों में हिमनद प्रवाहन की प्रक्रिया द्वारा हुए अपरदन के परिणामस्वरूप होता है, उन्हें हिमानीकृत पठार कहते हैं। ऐसे पठारों में शैल श्रेणियों का अपरदन से रिसाव होने के कारण चपटा स्वरूप निर्मित होता है। ऐसे पठारों में मुख्यतः गढ़वाल का पठार, लेब्रोडोर का पठार, स्केण्डिनेबिया का पठार, अलास्का का पठार, ग्रीनलैण्ड व अफ्रीका का दक्षिणी-पूर्वी पठार, कनाडा का पठार, जर्मनी अन्टार्कटिका के पठार मुख्य हैं।

(iii) वायुजनित पठार-ऐसे पठार जिनका निर्माण पवनों द्वारा लायी गई मिट्टी के अत्यधिक निक्षेपण से होता है, उन्हें वायुजनित पठार कहते हैं। इस प्रकार के पठारों में वायु के परिवहन व निक्षेपण के कारण विशाल मात्रा में एकत्रित हुई बालू पठार का निर्माण करती है। ऐसे पठारों में पाकिस्तान में पोतवार का पठार व चीन में लोयस के पठार के साथ-साथ उत्तरी अमेरिका व अफ्रीका के पठार शामिल किये जाते हैं।

(iv) जलज पठार-ऐसे पठार जिनका निर्माण समुद्री भाग अथवा भूसन्नतियों में निरन्तर जमे हुए अवसादों के कभी-कभी आंतरिक हलचलों के कारण निरंतर समुद्रतल से ऊपर उठ जाने के कारण होता है तो उन्हें जलज पठार कहते हैं। समुद्र के पेंदे में जमा होने वाले अवसाद अपरदनकारी शक्तियों का परिणाम होते हैं। इन अवसादों को अन्तर्जात बल अपनी क्रियाओं द्वारा ऊपर उठा देते हैं जिसके कारण ऐसे पठारों का अस्तित्व सामने आता है। ऐसे पठारों में मुख्यत: भारत का विन्ध्यन का पठार, चेरापूंजी का पठार तथा म्यांमार में स्थित शान के पठार को शामिल किया जाता है।

मैदानअपरदनात्मक मैदान – अपरदेन चक्र की समाप्ति पर सभी उच्चावच समप्रायः मैदान में परिवर्तित हो जाते हैं। इससे बनने वाले मैदानों को निम्न भागों में बांटा गया है

(अ) नदीकृत मैदान – नदियाँ अपने मार्ग में आने वाले विषम धरातल को अपरदन के द्वारा समतल बनाकर समप्राय: मैदानों का निर्माण करती हैं। इन मैदानों में जहाँ-तहाँ कठोर प्रतिरोधी शैल– मोनाडनॉक टीलों के रूप में दिखाई देती हैं। पेरिस व लन्दन बेसिन इसी तरह के मैदान हैं।

(ब) हिमानीकृत मैदानं – उच्च पर्वत शिखरों एवं उच्च अक्ष पर हिमावरण छाया रहता है। बर्फ के नीचे का धरातल रगड़ और घर्षण के द्वारा समतल होता रहता है। कनाडा, स्वीडन, फिनलैण्ड में हिमानीकृत मैदान पाये जाते हैं।

(स) वायुघर्षित मैदान – यांत्रिक अपक्षय द्वारा ढीले एवं टूटे शैल कण हवा उड़ाकर ले जाती है। मार्ग में पड़ने वाली उत्थित चट्टानों का यह हवा अपघर्षण करती है। इसी क्रिया से वायु घर्षित मैदान का निर्माण होता है जिसे पेडीप्लेन कहते हैं।

(द) कास्टै मैदान – चूने की शैलों वाले क्षेत्र में भूमिगत जल के अपरदन चक्र की अंतिम अवस्था में धरातलीय विषमताएँ समाप्त होने से कोर्ट मैदान बनता है। भारत में नैनीताल व अल्मोड़ा, यूगोस्लाविया तथा फ्रांस के चूना प्रदेशों में इसके उदाहरण मिलते हैं।

(ii) निक्षेपणात्मक मैदान

(अ) जलोढ या कॉपीय मैदान – नदियों द्वारा ऊँचे भागों से अपरदित मलवा प्रवाहित कर निम्नवर्ती भागों में निक्षेपण करने से ये मैदान बनते हैं। स्थिति के अनुसार इन्हें पर्वतपदीय मैदान, बाढ़ मैदान तथा डेल्टा मैदान कहा जाता है। गंगा, ब्रह्मपुत्र, नील नदियों के डेल्टाई मैदान बहुत उपजाऊ व घने बसे हुए हैं।

(ब) हिमोढ मैदान – ये मैदान हिमानी द्वारा किये गये निक्षेपण से बनते हैं। हिमरेखा के द्वारा लाये गये कंकड़, पत्थर व बजरी जमा होने से बीहड़-मृतिका मैदान तथा हिमानी के पिघले जल द्वारा बारीक मिट्टी के निक्षेपण से अवक्षेप मैदान का निर्माण होता है।


(स) लोयस मैदान – मरुस्थलीय प्रदेशों में हवा के साथ प्रवाहित बारीक मिट्टी के जमाव से इनका निर्माण होता है। चीन, अर्जेन्टाइना, कैस्पियन सागर के सहारे लोयस के मैदान उल्लेखनीय हैं।

(द) लावा निर्मित मैदान – ज्वालामुखी विस्फोट के साथ निकला लावा, राख व बारीक शैल कण विस्तृत क्षेत्र पर जमा होने से इन मैदानों का निर्माण होता है। दक्षिण भारत में लावा निर्मित मैदान पाये जाते हैं।

(य) झील निर्मित मैदान – जब कभी नदियों के अवसादीय निक्षेपण से झील भर जाती है तो जमा तलछट, उपजाऊ मैदान का रूप लेता है। जब कभी आंतरिक हलचलों से झील की तली ऊपर उठ जाती है तो उसका जल इधर-उधर फैल जाता है और तली मैदान में परिवर्तित हो जाती है। हंगरी का मैदान, अमेरिका का प्रेयरी प्रदेश झील निर्मित मैदान हैं।







प्रश्न 1.स्थलाकृतिक स्वरूपों को किन-किन भागों में बांटा गया है?

उत्तर:स्थलाकृतिक स्वरूपों को मुख्यत: तीन भागों – प्रथम श्रेणी के उच्चावचे (महाद्वीप व महासागर), द्वितीय श्रेणी के उच्चावच (पर्वत, पठार वे मैदान) व तृतीय श्रेणी के उच्चावचों (घाटियाँ व डेल्टा) आदि के रूप में बांटा गया है।

प्रश्न 2.भूपटल पर स्थलरूपों का निर्माण क्यों होता है?

उत्तर:भूपटल पर विविध स्थलरूपों का निर्माण पृथ्वी के आन्तरिक एवं बाहरी बलों की पारस्परिक क्रियाओं के परिणामस्वरूप होता है।

प्रश्न 3.फिन्च ने पर्वतों की क्या परिभाषा दी है?

उत्तर:फिन्च के अनुसार, “पर्वत समुद्रतल से 600 मीटर या अधिक ऊँचे तथा 260° से 350° के ढाल वाले होते हैं।”

प्रश्न 4.पर्वतों को किन-किन आधारों पर बाँटा गया है?

उत्तर:पर्वतों को उनकी निर्माण प्रक्रिया, ऊँचाई, उनकी आयु, अवस्थिति, संरचना एवं बनावट के आधार पर विभाजित किया गया है।

प्रश्न 5.वलित पर्वत किसे कहते हैं?

उत्तर:ऐसे पर्वत जिनमें पृथ्वी के भीतर उत्पन्न सम्पीडन बल के कारण चट्टानों में वलन या मोड़ पड़ जाते हैं। ऐसे लहरदार पर्वतों को वलित पर्वत कहते हैं।

प्रश्न 6.अपनति किसे कहते हैं?

उत्तर:सम्पीडन की प्रक्रिया से चट्टानें जब घुमावदार स्वरूप में बदलती हैं, तो चट्टानों की लहरों में ऊपर की ओर उठे भाग को अपनति कहते हैं।

प्रश्न 7.अभिनति किसे कहते हैं?

उत्तर:सम्पीडन की प्रक्रिया से चट्टानें जब घुमावदार स्वरूप में बदलती हैं, तो चट्टानों की लहरों में नीचे की ओर धंसा भाग अभिनति कहलाता है।

प्रश्न 8.गुम्बदाकार पर्वत किसे कहते हैं?

उत्तर:पृथ्वी के भीतर उबला मैग्मा धरातल पर आने की भरसक कोशिश करता है। जब यह मैग्मा बाहर नहीं आ पाता तो धरातलीय चट्टानें गुम्बदाकार रूप में ऊपर उठ जाती हैं। इससे निर्मित होने वाले पर्वतों को गुम्बदाकार पर्वत कहते हैं।


प्रश्न 9.विश्व के प्रमुख संग्रहित पर्वतों के नाम लिखिए।

उत्तर:विश्व के प्रमुख संग्रहित पर्वतों में जापान का फ्यूजीयामा, इटली का विसूवियस एवं अफ्रीका का किलीमंजारो प्रमुख हैं।

प्रश्न 10.ब्लॉक पर्वत से क्या अभिप्राय है?

अथवाभ्रंशोत्थ पर्वत किसे कहते हैं?

उत्तर:जब दो समान्तर दरारों का मध्यवर्ती भाग ऊपर की ओर उठ जाये या मध्य के दोनों ओर के भाग नीचे धंस जाएँ तो ऐसी प्रक्रिया से बनने वाले पर्वत ब्लॉक या भ्रंशोत्थ पर्वत कहलाते हैं।

प्रश्न 11.आयु के आधार पर पर्वतों को किन-किन भागों में बाँटा गया है?

उत्तर:आयु के आधार पर पर्वतों को चार पर्वत निर्माणकारी कालों-आर्कियन पर्वत काल, केलेडोनियन पर्वत काल, हर्सिनियन पर्वत काल एवं अल्पाइन पर्वत काल के रूप में बाँटा गया है।

प्रश्न 12.अल्पाइन पर्वतों के नाम लिखिए। अथवाअल्पाइन पर्वत निर्माणकारी हलचल में कौन-कौन से पर्वत बने? नाम लिखिए।

उत्तर:अल्पाइन पर्वत काल में हिमालय, अराकानयोमा, एल्ब्रुज, हिन्दुकुश, रॉकीज, एण्डीज, आल्पस, बाल्कन एवं पिरेनीज पर्वतों का मुख्य रूप से निर्माण हुआ था।

प्रश्न 13.ऊँचाई के आधार पर पर्वतों को कितने भागों में बाँटा गया है?

उत्तर:ऊँचाई के आधार पर पर्वतों को चार भागों-अधिक ऊँचाई वाले पर्वत, साधारण ऊँचाई वाले पर्वत, कर्म ऊँचे पर्वत एवं निम्न पर्वतों के रूप में बाँटा गया है।

प्रश्न 14.अधिक ऊँचे पर्वतों से क्या अभिप्राय है?

उत्तर:जिन पर्वतों की ऊँचाई 6000 फीट या 2000 मीटर से अधिक होती है, उन्हें अधिक ऊँचे पर्वत कहते हैं।

प्रश्न 15.पठार से क्या तात्पर्य है?अथवापठार को परिभाषित कीजिए।

उत्तर:आस-पास के धरातल से ऊँचे उठे हुए भाग, जिनका शीर्ष भाग समतल, चौड़ा एवं किनारे की ओर अधिक ढाल युक्त हो उसे पठार कहते हैं।

प्रश्न 16.उत्पत्ति के आधार पर पठारों को कितने भागों में बाँटा गया है?

उत्तर:उत्पत्ति के आधार पर पठारों को चार भागों-लावा निर्मित पठार, वायु निर्मित पठार, हिमानी निर्मित पठार एवं जलज पठार के रूप में बाँटा गया है।

प्रश्न 17.लावा निर्मित पठारों से क्या तात्पर्य है?

उत्तर:जिन पठारों की उत्पत्ति भू-गर्भ से ज्वालामुखी क्रिया से निकले हुए लावा के व्यापक क्षेत्र पर फैलने एवं कालान्तर में उसके ठंडा होकर जमने से होती है, उन्हें लावा निर्मित पठार कहते हैं।

प्रश्न 18.जलज पठार क्या होते हैं?

उत्तर:ऐसे पठार जो समुद्री भाग अथवा भूसन्नतियों में निरन्तर जमा हुए अवसादों व कभी-कभी आंतरिक हलचलों से उनके समुद्रतल से ऊपर उठ जाने से बनते हैं, उन्हें जलज पठार कहते हैं।

प्रश्न 19.स्थिति के आधार पर पठारों को कितने भागों में बाँटा गया है?

उत्तर:स्थिति के आधार पर पठारों को तीन भागों-अन्तर्पवतीय पठार, पर्वतपदीय पठार एवं महाद्वीपीय पठारों के रूप में बाँटा गया है।

प्रश्न 20.महाद्वीपीय पठार किसे कहते हैं?

उत्तर:ऐसे पठार जो किसी देश या महाद्वीप के सम्पूर्ण भाग पर विस्तृत होते हैं, उन्हें महाद्वीपीय पठार कहते हैं।

प्रश्न 21.जलवायु के आधार पर पठारों को कितने भागों में बाँटा गया है?

उत्तर:जलवायु के आधार पर पठारों को तीन भागों-आर्द्र पठार, शुष्क पठार एवं हिममण्डित पठारों के रूप में बाँटा गया है।

प्रश्न 22.हिममण्डित पठार किसे कहते हैं?

उत्तर:ऐसे पठार जहाँ अत्यधिक ठंड के कारण वर्ष भर अधिकांश भाग हिमाच्छादित रहता है, उन्हें हिममण्डित पठार कहते हैं।

प्रश्न 23.विकास की अवस्था के आधार पर पठारों को कितने भागों में बाँटा गया है?

उत्तर:विकास की अवस्था के आधार पर पठारों को चार भागों – नवीन पठारे, प्रौढ़ पठार, वृद्धावस्था के पठार एवं पुनर्युवनित पठारों के रूप में बाँटा गया है।

प्रश्न 24.पुनर्युवनित पठार से क्या तात्पर्य है?

उत्तर:आन्तरिक हलचलों के कारण वृद्धावस्था प्राप्त कर चुके पठार का पुनः उत्थान हो जाता है तथा उस पर पुन: अपरदन प्रारम्भ हो जाता है, तो ऐसे पठार पुनर्युवनित पठार कहलाते हैं।


प्रश्न 25.मैदान किसे कहते हैं? इसके कितने प्रकार होते हैं?

उत्तर:अपेक्षाकृत समतल, क्रमिक व मन्द ढाल एवं निम्न उच्चावच वाले धरातलीय भाग को मैदान कहते हैं। निर्माण प्रक्रिया के आधार पर ये दो प्रकार के होते हैं-अपरदनात्मक मैदान एवं निक्षेपणात्मक मैदान।


प्रश्न 26.

निक्षेपणात्मक मैदानों को किन-किन भागों में बाँटा गया है?

उत्तर:निक्षेपणात्मक मैदानों को मुख्यत: जलोढ़ निर्मित मैदान, हिमोढ़ मैदान, लोयस मैदान, लावा निर्मित मैदान एवं झील निर्मित मैदानों में बाँटा गया है।निराकरण में सहायता मिली है।


Q.1. स्थलमण्डल के कुल क्षेत्रफल के कितने प्रतिशत भाग पर पर्वतों का विस्तार पाया जाता है?

26% 30% 33% 41%                                                                               उत्तर:- 26% 


Q.2. पर्वत की गणना किस श्रेणी के स्थल रूपों में की जाती है?

प्रथम श्रेणीद्वितीय श्रेणीतृतीय श्रेणी   इनमें से कोई नहीं                                           उत्तर:- द्वितीय श्रेणी


Q.3. पर्वतों पर विश्व की कितनी प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है ?

1% 5% 9% 10%।                                                                                   उत्तर:- 1%

Q.4. पर्वतों की उत्पत्ति से सम्बन्धित रेडियो सक्रियता सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया है?

जॉली।   डेली।   डाना    रीड                                                                           उत्तर:- जॉली


Q.5. पर्वत निर्माणक भूसन्नति सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया है ?

जेफ्रीज    होम्स    डेली   कोबर                                                                      उत्तर:- कोबर


Q.6. विश्व के विशाल वलित पर्वतों की रचना आज से लगभग कितने मिलियन वर्ष पूर्व हुई थी?

400    320   220    30                                                                              उत्तर:- 30


Q.7. नवीनतम पर्वतमाला है-

सतपुड़ा   अप्लेशियन     रॉकीज       यूराल                                                      उत्तर:- रॉकी


Q.8. हिमालय पर्वत श्रृंखला किसका उदाहरण है ?

वलित पर्वत       ज्वालामुखी पर्वत     अवशिष्ट पर्वत     ब्लॉक पर्वत                        उत्तर:- वलित पर्वत


Q.9. एण्डीज पर्वत’ उदाहरण है-

अवशिष्ट पर्वत का   वलित पर्वत का  भ्रशोत्थ पर्वत का    ज्वालामुखी पर्वत का           उत्तर:- वलित पर्वत का


Q.10. ‘अवशिष्ट पर्वत’ का उदाहरण नहीं है?

अरावली    अप्लेशियन     फ्यूजीयामा     विन्ध्याचल                                           उत्तर:- फ्यूजीयामा 


Q.11. निम्न में से कौन ‘भ्रंशोत्थ पर्वत’ (Block Mountain) है?

वॉस्जेस   ब्लैक फॉरेस्ट    सियरा नेवादा      इनमें से सभी                                      उत्तर:- इनमें से सभी


Q.12. रॉकीज, एण्डीज, एटलस, आल्प्स, हिमालय आदि किस प्रकार के पर्वत हैं ?

वलित पर्वत    अवशिष्ट पर्वत    ब्लॉक पर्वत     ज्वालामुखी पर्वत                            उत्तर:- वलित पर्वत


Q.13. निम्न में से कौन विश्व के नवीन वलित पर्वत का उदाहरण प्रस्तुत करता है ?

अप्लेशियन     अरावली   आल्प्स       इनमें से कोई नहीं                                       उत्तर:- आल्प्स


Q.14. निम्न में से कौन एक वलित पर्वत है?

सह्याद्रि    सतपुड़ा    नीलगिरि      हिमालय                                                      उत्तर:- हिमालय


Q.15. हिमालय की उत्पत्ति किस भूसन्नति से हुई है ?

टेथिस     शिवालिक    इण्डोब्रह्मा     गोदावरी                                                     उत्तर:- टेथिस


Q.16. दक्षिणी आल्प्स’ पर्वत श्रेणी कहाँ स्थित है?

आस्ट्रेलिया   न्यूजीलैंड    द० अफ्रीका     इण्डोनेशिया                                          उत्तर:- न्यूजीलैंड



Q.17. कौन-सा पर्वत महाद्वीपीय जलविभाजक के रूप में जाना जाता है ?

हिमालय   एण्डीज।    रॉकीज      ग्रेट डिवाइडिंग रेंज                                         उत्तर:- रॉकीज


Q.18. विश्व में सबसे लंबी पर्वत श्रेणी कौन-सी है?

आल्प्स     रॉकीज    एंडीज    हिमालय                                                           उत्तर:- एंडीज


Q.19. ब्लैक हिल, ब्लू हिल तथा ग्रीन हिल नामक पहाड़ियाँ किस देश में स्थित हैं ?

आस्ट्रेलिया    कनाडा    सं० रा० अ०  ब्राजील                                               उत्तर:- सं० रा० अ०


Q.20. “प्वाइंट पैड्रो” अथवा ‘पिडरूटागाला’ निम्न में से किस देश का सर्वोच्च पर्वत शिखर है?

दक्षिण अफ्रीका   पनामा   श्रीलंका    कम्बोडिया                                             उत्तर:- श्रीलंका


Q.21. एण्डीज पर्वतमाला की सर्वोच्च चोटी है-

एकांकागुआ   ओजोस डेल सेलाडो   हुएला     चिम्बोरेजो                                   उत्तर:- एकांकागुआ


Q.22. अफ्रीका का सर्वोच्च पर्वत शिखर माउण्ट किलिमंजारो अवस्थित है—

केन्या में   मलावी में     तंजानिया में     जाम्बिया में                                          उत्तर:- तंजानिया में 


Q.23. उत्तर अमेरिका की सर्वोच्च पर्वत चोटी कौन-सी है?

माउण्ट एवरेस्ट    माउण्ट एकांकागुआ   माउण्ट एल्ब्रुस     माउण्ट मैकिन्ले             उत्तर:- माउण्ट मैकिन्ले


Q.24. फ्रांस तथा स्पेन के बीच सीमा बनाने वाला पर्वत है?

अपेनाइन्स   आल्पस    जुरा    पैरिनीज                                                         उत्तर:- पैरिनीज


Q.25.यूरोप में आल्प्स, उत्तरी अमेरिका में रॉकीज तथा दक्षिण अमेरिका में एण्डीज किसका उदाहरण है?

वलित पर्वत   ब्लॉक पर्वत   विच्छेदित पर्वत   ज्वालामुखी पर्वत                        उत्तर:- वलित पर्वत


Q.26. किस देश में माउण्ट एवरेस्ट स्थिर है?

भारत  नेपाल  भूटान    चीन                                                                      उत्तर:- नेपाल


Q.27. निम्न में से कौन-सी पर्वत श्रृंखला विश्व में सबसे बड़ी है ?

हिमालय  एण्डीज   काकेशस    अलास्का                                                        उत्तर:- एण्डीज


Q.28. स्थलमण्डल के कुल क्षेत्रफल के कितने प्रतिशत भाग पर पठार का विस्तार पाया जाता है?

26%   30%   33%    41%                                                                    उत्तर:- 33%


Q.29. पठारी क्षेत्रों में विश्व की कितनी प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है?

5%   9%    16%     26%                                                                      उत्तर:- 9%


Q.30. पठारी क्षेत्रों में निम्न में से कौन-सा खनिज नहीं पाया जाता है ?

कोयला     लौह अयस्क    खनिज तेल    मैंगनीज                                             उत्तर:- खनिज तेल


Q.31. जो पठार चारों ओर से पर्वत मालाओं द्वारा घिरे होते हैं क्या कहलाते हैं ?

गिरिपद पठार    तटीय पठार    अन्तरापर्वतीय पठार     वायव्य पठार                   उत्तर:- अन्तरापर्वतीय पठार


Q.32. पर्वतों के पदों (Foothills) अर्थात् किसी पर्वत के सहारे स्थित पठार को कहा जाता है-

अन्तर्पर्वतीय पठार     पर्वतपदीय पठार    महाद्वीपीय पठार   वायव्य पठार              उत्तर:- पर्वतपदीय पठार


Q.33. निम्नलिखित में से किस पठार को अन्तर्पर्वतीय पठार की श्रेणी में नहीं रखा जाता है ।

तिब्बत का पठार    मैक्सिको का पठार    बोलीविया का पठार      छोटानागपुर का पठार      उत्तर:- छोटानागपुर का पठार


Q.34. अन्तर्पर्वतीय पठार का उदाहरण नहीं है-

तिब्बत का पठार   पेटागोनिया का पठार  कोलम्बिया का पठार    बोलीविया का पठार      उत्तर:- पेटागोनिया का पठार


Q.35. निम्नलिखित में से कौन एक पर्वतपदीय पठार है?

तिब्बत का पठार    ब्राजील का पठार    पेसगोनिया का पठार    बोलीविया का पठार        उत्तर:- तिब्बत  का पठार


Q.36. मेसेटा का पठार निम्न में से किस देश में स्थित है?

मैक्सिको   ब्राजील    स्पेन तथा पुर्तगाल    उत्तर पूर्वी अफ्रीका                                   उत्तर:- स्पेन तथा पुर्तगाल


Q.37. टेलीग्राफिक पठार निम्न में से कहाँ स्थित है?

उत्तरी प्रशान्त महासागर              दक्षिणी प्रशान्त महासागर

उत्तरी अटलांटिक महासागर          दक्षिणी हिन्द महासागर                               उत्तर:- उत्तरी अटलांटिक महासागर


Q.38. विश्व का सर्वाधिक ऊँचा पठार निम्नलिखित में से कौन-सा है ?

बोलीविया का पठार   कोलम्बिया का पठार   तिब्बत का पठार     कोलोरेडो का पठार      उत्तर:- तिब्बत का पठार


Q.39. पोटवार पठार निम्न में से किस देश में स्थित है ?

वियतनाम    म्यान्मार   भूटान     पाकिस्तान                                                         उत्तर:- पाकिस्तान


Q.40. लोयस पठार स्थित है-

मलाया में      थाईलैंड में      चीन में       कोरिया में                                                 उत्तर:- चीन में


Q.41. तिब्बत का पठार निम्नलिखित में से कहाँ स्थित है?

थियानशान तथा काराकोरम के मध्य                  थियानशान तथा अल्टाई टांग के मध्य

हिमालय पर्वत तथा काराकोरम के मध्य              हिमालय पर्वत तथा क्युनलून के मध्य

उत्तर:- हिमालय पर्वत तथा क्युनलून के मध्य


Q.42. लोयस का पठार है-

हिमानीकृत     जलकृत     पवनकृत      नदीकृत                                                   उत्तर:- पवनकृत


Q.43. निम्नलिखित में से किसे ‘विश्व की छत’ कहा जाता है?

काराकोरम     क्यूनलून     तियानशान       पामीर                                                  उत्तर:- पामीर


Q.44. तुर्की में अनातोलिया का पठार किन पर्वत श्रेणियाँ के मध्य स्थित है ?

पोन्टिक तथा टॉरस      एल्बुर्ज तथा जाग्रस     काकेशस तथा एल्बुर्ज     काकेशस तथा कार्पथियन

उत्तर:- पोन्टिक तथा टॉरस


Q.45. राँची का पट पठार निम्नलिखित में से क्या है ?

एक पेडीप्लेन         उत्थित पेनीप्लेन      एक संरचनात्मक मैदान      पर्वतपदीय पठार

उतर:- उत्थित पेनीप्लेन


Q.46. बोलीविया के पठार पर निम्न में से किस धातु का सर्वाधिक उत्खनन किया जाता है ?

कोयला।       लिग्नाइट      टिन      बिटुमिनस                                                      उत्तर:- टिन


Q.47. स्थलमण्डल के कुल क्षेत्रफल के कितने प्रतिशत भू-भाग पर मैदान का विस्तार पाया जाता है?

26%     33%      41%      51%                                                                उत्तर:- 41%


Q.48. मैदान की गणना किस श्रेणी के स्थल रूपों में की जाती है?

प्रथम श्रेणी    द्वितीय श्रेणी     तृतीय श्रेणी      इनमें से किसी में नहीं                          उत्तर:- द्वितीय श्रेणी


Q.49. विश्व में उत्पन्न होने वाली फसलों तथा खाद्य वस्तुओं का लगभग कितना प्रतिशत भाग मैदानों में उपजाया जाता है ?

95%     65%     85%     70%                                                                  उत्तर:- 85%


Q.50. विश्व की कुल जनसंख्या का कितना प्रतिशत हिस्सा मैदानों में निवास करता है?

90%      50%     65%     71%                                                                  उत्तर:- 90%


Q.51. निम्नलिखित में से किस स्थल रूप को ‘सभ्यता का पालना’ कहा जाता है ?

पहाड़    पठार    मैदान     पर्वत                                                                        उत्तर:- मैदान


Q.52. उत्तरी पश्चिमी चीन का लोयस मैदान किस प्रकार के जमाव से बना है ?

लावा के जमाव से      रेत व धूलकणों के जमाव से     कांप मिट्टी के जमाव से              इनमें से कोई नहीं

उत्तर:- रेत व धूलकणों के जमाव से


Q.53. पवन अपरदित मैदान में यत्र-तत्र पाये जाने वाले प्रतिरोधी चट्टानों के अवशेष टीलों को क्या कहा जाता है?

मोनेडनॉक    इन्सेलबर्ग     हयूमस      इनमें से कोई नहीं                                       उत्तर:- हयूमस


Q.54. कार्ट मैदानों में यत्र-तत्र स्थित अवशिष्ट टीलों को क्या कहा जाता है?

मोनोडनॉक     इन्सेलबर्ग   हयूमस     इनमें से कोई नहीं                                        उत्तर:- मोनोडनॉक


Q.55. नदी  मैदान अथवा सम्प्राय मैदान (Peneplain) में यत्र-तत्र पाये जाने वाले प्रतिरोधी चट्टानों के अवशेष को कहा जाता है-

मोनेडनॉक       इन्सेलबर्ग      ह्यूम्स     इनमें से कोई नहीं                                       उत्तर:-मोनेडनॉक


Q.56. सम्प्राय मैदान (Peneplain) का निर्माण किस क्रिया द्वारा होता है?

हिम     पवन     नदी                                                                                   उत्तर:- नदी


Q.57. पेडीप्लेन (Pediplain) मैदान का निर्माण किस क्रिया द्वारा होता है?

हिम      पवन    नदी            उत्तर:- पवन

Q.58. निम्नलिखित में से किस देश में लोयस के मैदान नहीं पाए जाते हैं ?

न्यूजीलैंड    यूक्रेन    अर्जेण्टीना     कम्बोडिया                                                  उत्तर:- न्यूजीलैंड

Q.59. निम्नलिखित पर्वतों में से कौन-सा जर्मनी में अवस्थित है ?

ब्लैक फॉरेस्ट     एटलस    पिरेनीज    एपीनाइन्स                                                उत्तर:- A

Q.60. पेनाइन (यूरोप) अप्लेशियन (अमेरिका) और अरावली (भारत) उदाहरण हैं-

युवा पर्वत श्रृंखला के    पुरानी पर्वत श्रृंखला के    ब्लॉक पर्वत श्रृंखला के      फोल्ड पर्वत श्रृंखला के

उत्तर:- फोल्ड पर्वत श्रृंखला के


















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